फिर भी पूछे युवा युग के क्षत्रियों ने क्या -क्या काम किये ?
युग के युवा प्रश्न पूछते क्षत्रियों ने क्या-क्या काम किये ?
कब हमने अत्याचार किये और कब तोड़े देवालय
कौन भिड़े थे शत्रु दल से किसने झेले अंधियारे
किसकी पत्नी सती चढ़ी और कौन के पुत्र अनाथ हुए
तलवारों की छाया में कौन जवानी झोंक चले
किन अभागन माताओं ने अपने पुत्र दान दिए
और किन -किन बूढ़े बापो ने अपने हाथ से तिलक किये
कौन हुए वो रज के रक्षक जिनके रण में शीश कटे
कहाँ हुए वो सत्य दूत वचनों पर जिसने प्राण तजे
फिर भी पूछे युवा युग के क्षत्रियों ने क्या -क्या काम किये ।।१।।
वंश नहीं में दुष्ट कंस का , मैं राष्ट्र का सेवक हूँ
मैं राष्ट्र का अभिन्न अंग हूँ पुरषार्थ का प्रेरक हूँ
मैं अर्जुन के रथ को हांकूँ योगिराज श्री कृष्ण हूँ
मैं दसरथ का पुत्र राम हूँ मैं रावण का नाशक हूँ
मैं रामचंद्र मर्यादा पुरु श्री श्रेष्ठ धनुर्धर लंका जयी ।।२।।
कौरव -पांडव भी क्षत्रिय थे ,कौरव आततायी थे
तब किसने भाइयों के प्राण लिये और किसने धर्म का ध्वज रखा
कौन भिड़ा था दुष्ट शकों से ! किसने उन्हें तड़ीपार किया
कौन लड़ा था यूनानो से किसने दो -दो हाथ किया ।
हूणों से किसने युद्ध किए और किसने उन्हें खदेड़ दिया ।।३।।
किसने तुर्को के तीर सहे ! किसने गोरी के घात सहे
किसने क़ातिल ख़िलजी के नाकों में नथ भी बींध दिए
किसने बाबर में भय भरा !किसने मदिरा छुड़वायी
किस कुल में राणा प्रताप हुए ! किस कुल में दुर्गादास हुए
कहाँ हुए पैदा सांगा जी ! वीर चन्द्रसेन कहाँ हुए
औरंगजेब के अंग अंग में किसने मृत्युमय भय भरा ? ।।४।।
क्यों जलते अंगारों में पद्मनियो ने प्राण तजे
क्यों गोरा बादल ने अपने अंग अंग को दान दिये ।
क्यों भीमदेव !हमीर लड़े थे सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में ।।५।।
किन की आज़ादी में लिये विश्व युद्ध मे भाग लिये
किसने अपने राष्ट्र दिए भारत को एक बनाने को
किसने महलों का दान किया , किसने भवन भेंट कीए ।
किसने अपने किले दिए और सेनाए किसने भेंट करी ।।
युग के युवा प्रश्न पूछते क्षत्रियों ने क्या-क्या काम किये?।।६।।
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युग के युवा प्रश्न पूछते क्षत्रियों ने क्या-क्या काम किये ?
कब हमने अत्याचार किये और कब तोड़े देवालय
कौन भिड़े थे शत्रु दल से किसने झेले अंधियारे
किसकी पत्नी सती चढ़ी और कौन के पुत्र अनाथ हुए
तलवारों की छाया में कौन जवानी झोंक चले
किन अभागन माताओं ने अपने पुत्र दान दिए
और किन -किन बूढ़े बापो ने अपने हाथ से तिलक किये
कौन हुए वो रज के रक्षक जिनके रण में शीश कटे
कहाँ हुए वो सत्य दूत वचनों पर जिसने प्राण तजे
फिर भी पूछे युवा युग के क्षत्रियों ने क्या -क्या काम किये ।।१।।
वंश नहीं में दुष्ट कंस का , मैं राष्ट्र का सेवक हूँ
मैं राष्ट्र का अभिन्न अंग हूँ पुरषार्थ का प्रेरक हूँ
मैं अर्जुन के रथ को हांकूँ योगिराज श्री कृष्ण हूँ
मैं दसरथ का पुत्र राम हूँ मैं रावण का नाशक हूँ
मैं रामचंद्र मर्यादा पुरु श्री श्रेष्ठ धनुर्धर लंका जयी ।।२।।
कौरव -पांडव भी क्षत्रिय थे ,कौरव आततायी थे
तब किसने भाइयों के प्राण लिये और किसने धर्म का ध्वज रखा
कौन भिड़ा था दुष्ट शकों से ! किसने उन्हें तड़ीपार किया
कौन लड़ा था यूनानो से किसने दो -दो हाथ किया ।
हूणों से किसने युद्ध किए और किसने उन्हें खदेड़ दिया ।।३।।
किसने तुर्को के तीर सहे ! किसने गोरी के घात सहे
किसने क़ातिल ख़िलजी के नाकों में नथ भी बींध दिए
किसने बाबर में भय भरा !किसने मदिरा छुड़वायी
किस कुल में राणा प्रताप हुए ! किस कुल में दुर्गादास हुए
कहाँ हुए पैदा सांगा जी ! वीर चन्द्रसेन कहाँ हुए
औरंगजेब के अंग अंग में किसने मृत्युमय भय भरा ? ।।४।।
क्यों जलते अंगारों में पद्मनियो ने प्राण तजे
क्यों गोरा बादल ने अपने अंग अंग को दान दिये ।
क्यों भीमदेव !हमीर लड़े थे सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में ।।५।।
किन की आज़ादी में लिये विश्व युद्ध मे भाग लिये
किसने अपने राष्ट्र दिए भारत को एक बनाने को
किसने महलों का दान किया , किसने भवन भेंट कीए ।
किसने अपने किले दिए और सेनाए किसने भेंट करी ।।
युग के युवा प्रश्न पूछते क्षत्रियों ने क्या-क्या काम किये?।।६।।
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