हाँ हाँ मैं चौकिदार हूँ
कर्म युद्ध का हूँ मै प्रहरी, प्रहरा मेरा काम है
गर्व हैं भारत पे मुझको , नीचा मेरा नाम हैं
भीष्म पथ का हूँ पथिक मैं , बढ़ना आगे आम हैं
गंगे बेटा भीष्म हूँ मै , मोदी मेरा नाम हैं
किस, बात की आती हैं लज्जा , प्रहरा कोई दोष है
यदि हैं ये प्रहरा दोष तो , हां मैं चौकिदार हूँ
हाँ हाँ मैं प्रहरेदार हूँ ,
कर्ण की भूमि पे जन्मा ,मैं अभय वरदान हूँ
घर निकले भिक्षुओं की टोली का सरदार हूँ
चारु विक्रम की जटाओं , की मैं गंगा धार हूँ
हिन्द की जनभावना का , हाँ मैं चौकिदार हूँ
Poem By
#Kunwar manoj singh

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