Monday, March 23, 2020

महारावल जवाहिर सिंह जैसलमेर

मोर पंख मुकुट हैं मेघ छत्र शीश  हैं
कृष्ण कुळ ताज़ हैं यादव के थम्भ हैं
तीक्ष्ण तीर वेग हैं मुख सूर्य तेज हैं
भूपन के भूप हैं जवाहर ब्रह्मदंड हैं
चन्द्र मणि तिलक हैं रुद्र केस जटा हैं
शम्भू की साख हैं साथ स्वांगियाय हैं
तेग अष्ट धार हैं
मूँछन पे तांव हैं इन्द्र रुप जवाहर हैं 
-कुँवर मनोज सिंह


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