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रुद्रमाणु भगवान महादेव की कविता by Manoj singh
वात्याचक्र
मृगतृष्णा रावण की लंका वात्याचक्र समाया हैं देव कैद पड़े हैं इसमें प्रगल्भ भी समझ ना पाया हैं अब अंधियारा और नहीं औऱ किसी और का शोर नहीं ...
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राजपूत क्रन्तिकारी राणा रतन सिंह सोढा (अमरकोट/उमरकोट- पाकिस्तान ) 1850 राजपूत क्रन्तिकारी राणा रतन सिंह सोढा (अमरकोट/उमरकोट- पा...
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कनक भवानी हे चामुंडा ,काली कापालिक कुष्मांडा ।। कालकाष्टा त्वम ही दुर्गा , तुलजा भवानी जगदम्बा ।। मोगल आवड़ करणी देवल सचियाँ वांकल बरब...
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पृथ्वीराज चौहान वो महावीर वो कपुरवर्णी जिसकी गजब भुजाएँ थी , क्या कहना उस अजय वीर का उस पे भवानी राजी थी।। शब्द...

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