द्वंद अभी प्रारंभ हुआ है
अंत नहीं आरंभ हुआ है !
अब ह्रदय का दीप जला हैं
युद्ध मे अर्जुन कूद पड़ा है
योगी लीला लीन हुआ है
गाण्डीव रण में गूँज पड़ा हैं
नव ऊर्जा संचार हुआ हैं
कदम बढ़ाए निकल पड़ा हैं
क्या नया सवेरा आएगा ?
तो सुनो गौर से युग संतों
हाँ नया सवेरा आएगा !!
पहले से अच्छा आएगा
अच्छे से अच्छा आएगा
आत्मविश्वास की उमंग भरे हैं
समय उन्ही का आएगा
द्वंद अभी प्रारंभ हुआ है
अंत नहीं आरंभ हुआ है !
हे भारत के भावी सेवक
आओ खेल नया खेले
कुछ नया करे! कुछ नया करे
~kunwar manoj singh
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