Friday, August 3, 2018

कर कोशिश इस बार तू कविता -मनोज सिंह

                         


कर कोशिश इस बार तू की ,
हर  कोशिश  तेरी नाकाम नही होगी,
तेरे हारने से तेरी हार नही होगी ,
कर मेहनत इतनी की ये हार तेरी अंतिम हार नही होगी ,
हार भी हिस्सा है उस जीत का 
कर   कोशिश- ए-बन्दे किसी दिन 
ये हार  ही तेरी जीत में तब्दील होगी।
कर कोशिश का मंत्र तेरे प्राणो ने  सांस  भरता है ,
हर बार की तरह इस बार भी नया उत्साह भरता है 
हारने से तेरा मनोबल कम नही होगा ,
क्योंकी कर कोशिस का मंत्र सदैव तेरे संग होगा।
गहरी नींव निशानी मजबूत  मकान की होगी ,
इसी तरह ये हार ही निशानी तेरी अगली जीत की होगी
कर कोशिश इस बार तू की हर कोशिश तेरी नाकाम नही होगी --- 
              
                                                                   - कवि कुुँवर  मनोज सिंह
  
                                                             

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